इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, सम्मान समिति के चेयरमैन राजेश ठाकुर, समन्वयक संजय लाल पासवान, संयोजक प्रदीप तुलस्यान, सदस्य गीताश्री उरांव, अमूल्य नीरज खलखो, ज्योति सिंह मथारू, ले. कर्नल समित साहा, राणा संग्राम सिंह एवं जय शंकर पाठक, राकेश सिन्हा आदि मौजूद थे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डाॅ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि पश्चिमी पाकिस्तान की बर्बरता और रक्तपात से मुक्ति वाहिनी का जन्म हुआ।
इसी दौरान पड़ोसी देश से भागकर भारत में कई लोग आए। माना जाता है कि एक करोड़ शरणार्थी भारत पहुंचे थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि जनरल मानिक शॉ के नेतृत्व में भारतीय सेना ने मुक्ति वाहिनी का साथ देते हुए हमला बोल दिया। कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि महज 13 दिन की लड़ाई में पाकिस्तान ने भारत के सामने घुटने टेक दिए। तमाम वक्ताओं ने उस वक्त की घटनाओं को इस दौरान याद किया।
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