कोरोना के दूसरे लहर ने को आतंक मचाया है।इसको देखते हुए मेरा आप सबों से निवेदन है कि बेवजह भीड़ में जाने से बचे।मास्क और सेनेटाइजर का अवश्य प्रयोग करें।स्वस्थ रहे मस्त रहें।
पश्चिम बंगाल का सोनागाछी इलाका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देह व्यापार के लिए विख्यात है। सोनागाछी इलाके में हो रहे नाबालिक लड़कियों के मानवाधिकार उल्लंघन यौन शोषण और मानव तस्करी को रोकने संबंधी एक याचिका राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवम् सुप्रीम कोर्ट में दायर किया गया था। इस संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव से सोनागाछी इलाके में देह व्यापार को रोकने के लिए बनाई गई नीतियों पर रिपोर्ट मांगी। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के सोनागाछी इलाके को एशिया सा सबसे बड़ा रेड लाइट इलाका कहा जाता है।
आयोग ने महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य सरकार को यह निर्देश भी दिया कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के साथ सामाजिक, वैधानिक और स्वास्थ्य बिंदुओं पर सोनागाछी की पीड़िताओं की स्थिति पर एक सर्वेक्षण कराएं और क्षेत्र में वेश्यावृत्ति के निषेध के साथ ही उनका पुनर्वास सुनिश्चित करें।
मानवाधिकार आयोग ने प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता राधाकांत त्रिपाठी की एक याचिका पर यह आदेश जारी किया है। त्रिपाठी ने सोनागाछी इलाके में नाबालिग लड़कियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन, दुष्कर्म और यौन शोषण और मानव तस्करी का आरोप लगाया था।
त्रिपाठी ने अपनी शिकायत में राज्य सरकार पर कार्रवाई न करने और लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दशकों से चले आ रहे इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए आयोग से दखल देने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की अपील की। वहीं इस संबंध में कोलकाता पुलिस ने कहा है कि इलाके में लगातार नजर रखी जा रही है।कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने कहा, स्थानीय पुलिस स्टेशन और कोलकाता पुलिस का जासूसी विभाग अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामले भी दर्ज करते हैं। त्रिपाठी ने कहा कि इलाके में रहने वाली महिलाओं और लड़कियों की स्थिति और उनके बच्चों की हालत बेहद खराब है।
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