Thursday, May 27, 2021

चक्रवाती तूफान यास ने खोला झारखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार के पोल।


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बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान यास ने झारखंड में अपेक्षा अनुरूप कमजोर पड़ गया, लेकिन चक्रवाती तूफान यास ने झारखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। चक्रवाती तूफान यास के कारण
झारखंड में हुई तेज बारिश से नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया।जिससे राज्य विभिन्न क्षेत्रों में नदियों पर बने पुल ढह गए। इसकी एक बानगी झारखंड की राजधानी रांची से सटे तमाड़ के पास स्थित हेठ‌बुढ़ाडीह और हाराडीह‌ मंदिर को जोड़ने वाली कांची नदी पर बना सबसे लंबे पुल, जो बुंडू-तमाड़-सोनाहातू-राहे प्रखंड को जोड़ती है, गुरुवार की दोपहर में ढह गया. इस पुल का निर्माण तीन वर्ष पूर्व हुआ था.मजे की बात यह है की अभी पुल का संपर्क रोड भी नहीं बना है, और ना ही इसका विधिवत उदघाटन ही हुआ है। बताया जाता है की यहां पर लगभग हर दिन 15 घंटा नदी के पुल के नीचे जेसीबी से बालू की अवैध खुदाई होता है और सैकड़ों हाईवा और ट्रैक्टर से रांची-टाटा बालू की सप्लाइ किया जाता है।हकीकत तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा, की संवेदक द्वारा पुल के निर्माण में अनियमितता बरती थी या लगातार रहे बालू की अवैध खनन इस पुल के ढहने के मुख्य कारण है।वहीं पश्चिम सिंहभूम के सोनुवा गुदड़ी मेन रोड के पास पोड़ाहाट गांव में निर्माणाधीन पुल के पास लोगों की आवाजाही के लिए बनाया गया डायवर्शन भारी बारिश के कारण बह गया जिससे दर्जनों गांव का संपर्क सोनुआ मुख्यालय से कट गया वही सरायकेला खरसावां जिला मैं खरसावां सरायकेला मुख्य मार्ग पर खपरसाही के निकट पुलिया के डूब जाने से कुचाई सहित हम एक गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। चक्रवर्ती तूफान यास ने पुल पुलिया के निर्माण में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी है।

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