दोस्तों नमस्कार
कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।
इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की उत्तराखंड शाखा ने बाबा रामदेव को मानहानि का नोटिस भेजा था। संस्था ने पीएम मोदी को भी पत्र लिखकर रामदेव पर एक्शन लेने का अनुरोध किया है। आईएमए ने कहा है कि बाबा रामदेव कोरोनिल को बेचने के लिए फर्जी बयानबाजी कर रहे हैं जबकि डॉक्टर दिन रात अपने फर्ज में जुटे हुए हैं। बाबा रामदेव के बयान से डॉक्टर समुदाय में रोष भी है। एम्स के डॉक्टरों द्वारा बाबा रामदेव के खिलाफ प्रदर्शन भी किया गया।
बाबा रामदेव के दो वीडियो वायरल होने के बाद एसोसिएशन ने उनको कानूनी नोटिस भेजकर 1000 करोड़ रुपये का दावा ठोका। वहीं बाबा रामदेव ने भी 25 सवाल पूछ कर विवाद को और बढ़ा दिया है। आईएमए के उत्तराखंड शाखा के सचिव डॉ अजय खन्ना ने अपने वकील के जरिए बाबा रामदेव को नोटिस भेजा। डॉक्टरों ने मांग की है कि 15 दिन के अंदर या तो आप वीडियो क्लिप के जरिये या लिखित में वो माफी मांगे अन्यथा उन पर सीआरपीसी की धारा 499 और धारा 500(मानहानि के प्रावधान) के तहत 1000 करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा किया जाएगा। बड़ा सवाल यह है कि बाबा रामदेव द्वारा आधुनिक चिकित्सा पद्धति के खिलाफ दिए जा रहे अनर्गल बयान प्रायोजित है, जब आधुनिक चिकित्सा पद्धति अर्थात एलोपैथ द्वारा आर्युवेद को कार्य नहीं किया जाता है ऐसे में बाबा रामदेव को यह अधिकार किसने दिया कि वह आधुनिक चिकित्सा पद्धति के खिलाफ जो की प्रमाणिक है अनर्गल बयान दे। यह महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि आखिर सरकार द्वारा इस विवाद को समाप्त करने के लिए कड़े कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।
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