Sunday, September 19, 2021

नाबार्ड अपनी भूमिका का करेगा निर्वाह -डीडीएम नाबार्ड प्रेम प्रकाश सिंह,15 दिवसीय सिलाई कढ़ाई प्रशिक्षण का समापन,महिलाओं को दिए गए मेडिकल किट।


भारतीय जनजाति केंद्र और नाबार्ड के संयुक्त तत्वाधान में संचालित 15 दिवसीय सिलाई - कढ़ाई प्रशिक्षण शिविर का समापन 19 सितंबर को हो गया. इचाक थाना रोड स्थित संस्था कार्यालय परिसर सभागार में आयोजित प्रशिक्षण शिविर समापन समारोह में नाबार्ड के डीडीएम प्रेम प्रकाश सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के वरीय शाखा प्रबंधक बालमुकुंद सिंह, कोडरमा के पूर्व सांसद प्रतिनिधि अशोक कपर दार सेवानिवृत्त शिक्षक दशरथ प्रसाद, सामाजिक कार्यकर्ता रमेश हेंब्रम, संस्था के उपाध्यक्ष अशोक कुमार, महेश वैद्य, नरेश ठाकुर, मास्टर ट्रेनर नीलम कुमारी सहित हंस आजीविका सखी महिला मंडल, चांद आजीविका सखी महिला मंडल, खुशी आजीविका सखी महिला मंडल, भवानी महिला मंडल तथा पूजा आजीविका महिला मंडल की 30 महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण शिविर में सिलाई कढ़ाई - कढ़ाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली प्रशिक्षु महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

 इस अवसर पर संस्था की ओर से सात सैया बहनों को सामुदायिक और 40 महिलाओं को व्यक्तिगत मेडिकल किट उपलब्ध कराया गया। मंच संचालन नरेश ठाकुर और धन्यवाद ज्ञापन सेवानिवृत्त शिक्षक दशरथ प्रसाद ने किया। मुख्य अतिथि डीडीएम नाबार्ड प्रेम प्रकाश सिंह ने इस मौके पर कहा कि 15 दिनों का प्रशिक्षण आप सभी प्राप्त कर चुकी है, बैंक से लोन लेने से आगे कुछ सोचना होगा। आप लोग क्या करना चाहते हैं इस पर खुद योजना बनानी होगी। सामूहिक स्तर पर योजना बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब बैंक में जायदा खाते एनपीए होने लगते हैं तो इससे पूरी अर्थ व्यवस्था प्रभावित होती है, बैंक भी एक सिस्टम से काम करता है और इस सिस्टम में सहभागिता जरूरी है। हमें अपने असली उद्देश्य की ओर बढ़ना होगा अगर आजीविका को बढ़ाना है और उद्यमिता विकास कार्यक्रम को आगे ले जाना होगा। भारतीय जनजाति केंद्र के अध्यक्ष उमेश प्रताप ने कहा कि सामाजिक दायित्व का निर्वाह हर किसी को करनी चाहिए, हमारी कोशिश है कि समाज के अंतिम पायदान पर जो व्यक्ति खड़ा है उसके लिए कुछ करें अगर जरूरतमंदों के लिए हम काम आ पाए तो मेरे लिए यह सौभाग्य की बात होगी। उन्होंने कहा कि करो ना काल में संस्था ने पुलिस ने उल्लेखनीय पहल किया है। आज संस्था के द्वारा पढ़ाई गई बच्चियां राज्य का नाम रोशन कर रही है। ग्रामीण बैंक के वरीय प्रबंधक बालमुकुंद सिंह ने कहा कि जो महिलाएं प्रशिक्षित हो चुकी है उन्हें बैंक वित्तीय मदद पहुंचाएं पैसे की कोई कमी नहीं है सिर्फ काम करने के प्रति समर्पण होना चाहिए अगर लक्ष्य लेकर काम को आगे बढ़ाया जाए तो निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बैंक की इचाक शाखा में 270 समूह को लिंकेज है जिसमें से एक भी खाता एनपीए नहीं हुआ, यह हम लोगों के लिए खुशी की बात है। एस एच जी को लोन देने मैं मुझे कोई परेशानी नहीं है। हम 10 महिलाओं को 6 लाख रूपए तक लोन देने के लिए तैयार है। समूह की महिलाएं प्रोजेक्ट लेकर आए बैंक है, बैंक फाइनेंस करेगा। पूर्व सांसद प्रतिनिधि अशोक का प्रधान ने संस्था के कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए इसे गति देने की जरूरत पर जोर दिया।

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