बताया जाता है कि रविवार की शाम घुड़की किस्कू कपड़ा साफ करने व स्नान करने मैनेजर बांध जा रही थी कि उसका बेटा विमल मुर्मू और उसका दोस्त राजकुमार भी साथ हो लिए बांध पर पहुंचकर मां कपड़ा धोने और स्नान करने में व्यस्त थी बच्चे कीचड़ युक्त पानी में नहाने और खेलने में मशगूल थे। जब घुड़की किस्कू ने बच्चों से कहा कि चलो अब घर तो बच्चों ने कहा कि साफ पानी में नहा लेते हैं उसके बाद उन्होंने बांध से छलांग लगाई कुछ देर तक वह इंतजार करती रही बच्चे नहीं निकले तो महिला भी बांध में बच्चों की खोजबीन में कूदी और तीनों डूब गए।मेढ़ में रखे कपड़े और चीजें देखकर लोगों को शक हुआ और आदिवासी टोला में इसकी जानकारी दी। इसके बाद बच्चे का पिता विजय हेंब्रम अपने बेटे की खोजबीन करने लगा। बेटे को ढूंढते-ढूंढते वह बांध के पास गया तो बांध में महिला चुड़की किस्कू का शव तैरता नजर आया। ग्रामीणों ने महिला के शव को निकाला गया लेकिन बच्चों पता नहीं चला गोताखोरों ने भी तलाशी ली लेकिन बच्चे नहीं मिले। फिर सोमवार की सुबह ग्रामीणों ने जाल से बच्चों के शव को निकाला। हंसडीहा पुलिस ने तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेज दिया।
घटना की सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी कमलेंद्र कुमार सिन्हा जो की छुट्टी पर थे उन्होंने परिजनों से मोबाइल पर संपर्क कर उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया साथ ही उनके निर्देश पर पंचायत सचिव मनोज कुमार साह गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार को चावल प्रदान किया। दोनों परिवारों को नगद सहायता भी दी गई। वहीं दूसरी ओर हंसडीहा थाना प्रभारी आकृष्ट अमन ने राजकुमार हेंब्रम के पिता विजय हेंब्रम को आर्थिक मदद किया और और सहयोग दिलाने का आश्वासन दिया।
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