क्या है आरोप
रियाज ने कहा कि सोमवार को काम चल रहा था। रामेश्वर महतो, आनंद शर्मा दस बारह लोगों के साथ कार्यस्थल पर आया और कहा कि विधायक जी बोले है कि काम बंद कर दो। कंपनी के मालिक को बुलाओ और मैनेज करो। बिना रंगदारी दिए एक इंच काम नही करने दिया जाएगा। जबरन काम का प्रयास किया तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जिससे वहां काम बंद हो गया। घटना की सूचना दिए जाने के बाद डीएसपी निशा मुर्मू, बरोरा थानेदार नीरज कुमार दलबल के साथ शीघ्र कार्यस्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक काम बंद कराने वाले जा चुके थे। पुलिस की मौजूदगी में काम शुरू हुआ। इसके बाद थाना में लिखित शिकायत देकर करवाई की मांग की। रियाज ने कहा कि एक साल से काम कर रहे हैं। रंगदारी को लेकर बार बार काम बंद कराया जा रहा था। इसको लेकर 13 जुलाई को एसएसपी समेत अन्य वरीय अधिकारियों को पत्र देकर मामले से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद सड़क को लेकर कार्य स्थल के बगल में ग्रामीण ने आंदोलन शुरू कर दिया था, जिसके चलते काम बंद हो गया था।
26 जुलाई को जिला प्रशासन के निर्देश पर बरोरा सहित कई थाना की पुलिस पहुंची थी। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों और बीसीसीएल प्रबंधन के बीच वार्ता हुई थी। ग्रामीणों की ओर से विधायक ढुलू महतो एवं प्रबंधन की ओर से गोविंदपुर क्षेत्र के अधिकारी वार्ता में शामिल थे। बीसीसीएल की ओर से यह लिखित रूप से यह आश्वासन दिया गया था कि वैकल्पिक रोड निर्माण का कार्य जब तक पूरा नही किया जाता है तब तक पुराना रोड नही काटा जाएगा। बीसीसीएल के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हो गया था और निर्माण का काम चालु हुआ था।
No comments:
Post a Comment