देश के 75वें वर्षगांठ के अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव के तहत संथाल परगना के विभिन्न जिलों के कामगारों हेतु वस्त्र मंत्रालय भारत, सरकार, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) देवघर द्वारा आयोजित हस्तशिल्प कार्यशाला सह सेमिनार कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन आज दिनांक-27.08.2021 को उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री व उपस्थित महिला कामगारों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान देवघर, दुमका व गोड्डा जिले से आए हुनरमंद कामगारों द्वारा निर्मित सामानों की प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि सभी जिलों से आए हमारे संस्कृति को सजोये रखने वाले इन कारीगरों को देवघर मार्ट से जोड़ते हुए इनके सामानों की ब्रान्डिंग और मार्केटिंग की दिशा में कार्य करें।
एकदिवसीय हस्तशिल्प कार्यशाला सह सेमिनार कार्यक्रम के दौरान दुमका जिले के मसलिया प्रखण्ड से आए दुर्लभ देशज चदर-बदर कला को प्रदर्शित करने वाले कलाकारों के कला प्रदर्शन की सराहना करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि संगीत, गायन, वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनी सहित कठपुतलियों का खेल कहीं न कहीं अपनी संस्कृति के प्रति प्रेम और देशज, सजिवता को दर्शाता है। वहीं दूसरी ओर चदर-बदर कला के जरिये ये दिखाया जाता है कि इंसान एक कठपुतली के जैसा है, जिसकी डोर भगवान के हाथ में है। ऐसे में अपनी संस्कृति से जुड़े पुरानी लोक कला को सजोने और सुरक्षित रखने की आवश्यकता हम सभी को है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति और परम्परा से जुड़ी रहे।
इसके अलावे उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत गांवों का देश है यहां हस्तशिल्प की अपनी लंबी परंपरा रही है जिसका सामजिक सांस्कृतिक महत्व है। आज हम आधुनिक तकनीक से जुड़ रहे हैं लेकिन परंपरागत हस्तशिल्प से कट रहे हैं ऐसे में इस कार्यशाला का अपना महत्व है। इसके अलावे उपायुक्त ने कहा है कि अर्थव्यवस्था और समाज की व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है कि विभिन्न ट्रेडों के हस्तशिल्पियों, कारीगरों तथा अन्य पारम्परिक उद्योगों से जुड़े महिलाओं को प्रशिक्षित कर समाज की मुख्य धारा में लाने का प्रयास किया जाय।
उन्होंने कहा कि पारम्परिक हस्तशिल्पी व कारीगर जब खुशहाल व समृद्ध होंगे, तभी समाज खुशहाल होगा और अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। साथ हीं शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के पारम्परिक कारीगर जैसे बम्बू क्राफ्ट, लाह की चूड़ी, लोहार, कढ़ाई, बुनाई करने वालों एवं जेएसएलपीएस की दीदियों, लघु-कुटीर उद्योग से जुड़े लोगों को देवघर मार्ट प्लेटफॉर्म पर लाकर उन्हें बेहतर बाजार उपलबध कराना है। इस उद्देश्य से जेएसएलपीएस की टीम, मुख्य मंत्री लघु-कुटीर उद्योग, जिला उद्योग केन्द्र, हस्तशिल्पियों एवं आरसेटी को जोड़ते हुए साकारात्मक सोच के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है, ताकि जिले के कामगारों को आत्मनिर्भर व सुदृढ़ बनाने का कार्य किया जा सके।
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