कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।
मनुष्य जति को बुरी तरह प्रभावित करने वाला कोरोना वायरस से पशुओं के संक्रमण होने की खबर मिलने के बाद अब पैट डॉग की चिंता बढ़ गई है। वहीं डॉक्टर्स का मानना है की मानव वायरस जानवरों पर असर नहीं करता, फिर भी सावधानी जरूरी है और पशुओं के बीमार होने पर चिकित्सक से सलाह ले। पेट डॉग के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद अब यह आशंका जताई जा रही है कि कोरोना वायरस जानवरों को भी संक्रमित कर रहा है। ऐसे अगर आपके पालतू जानवर ( Pet Dog ) में भी ऐसे काेई लक्षण देखने काे मिलते हैं ताे तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। आमतौर पर जानवरो में वायरस पहले से ही होता है जिसका वेक्सीन जब जानवरो को जांच के लिए लाते है तभी उनको वैक्सीन दे दिया जाता है । डॉक्टर्रस केेअनुसार कई पशु भी पॉजिटिव मिले हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट के बाद उन पर नजर रखी जाती है। जानवरों में कोरोना लक्षण पाए जाने पर जुस्को पशु चिकित्सक शातिष रावर्ते का कहना है कि सीसीएमबी से आरटीपीसीआर रिपोर्ट का इंतजार किया जात है। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है तबतक रिपोर्ट का इंतजार रहता है ।
कोरोना संक्रमण अभी खत्म नही हुआ है, इसलिए सजग रहने की जरूरत है। अब इंसानों के साथ ही संक्रमण जानवरो में भी देखने को मिल रहा है । उन्होंने कहा कि टेस्ट के नमूने उन्नत प्रयोगशालाओं में जांच के बाद ही कहा जा सकता है कि कोरोना वायरस हवा के माध्यम से आया या फिर किसी और माध्यम से। उन्होंने बताया कि ऐसे में माना जा रहा है कि आसपास रह रहे लोगों के संपर्क में आने से जानवरों में भी संक्रमण हो सकता है। लेकिन संक्रमण कैसे हुए यह ताे जांच का विषय हैै, लेकिन इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि संक्रमण से पशु भी अछूते नहीं हैं। पशु चिकित्सक शातिष रावर्ते का कहना है कि पशु और मनुष्य के वायरस एक दूसरे को कम ही इंफेक्ट करते हैं। इसकी वजह यह है कि जानवरो में पाए जाने वाले वायरस की प्रवृत्ति मनुष्य को बीमार करने वाले वायरस की प्रवृत्ति से अलग है। उन्होंने बताया कि जैसे टीबी जैसी बीमारी मनुष्य और जानवरों दोनों में पाई जाती है लेकिन दोनों को प्रभावित करने वाले वायरस अलग-अलग होते हैं। इसी तरह कोरोना वायरस भी यह अलग-अलग हाे सकते हैं लेकिन उनका यह भी कहना है कि अभी यह वायरस नया है इसलिए यह जरूरी है कि अगर आपको अपने पैट्स में किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देते हैं ताे आपको चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। अगर इन दिनों आपका डॉगी सुस्त रहता हो। खाना-पीना बंद कर दिया हो। दस्त लग रहें हों या फिर बुखार रहता हो। इसके अलावा अगर वह अधिक उग्र हो रहा हो तो उसको तुरंत पशु चिकित्सक के पास लेकर जाएं। जरूरी नहीं कि ये कोरोना के लक्षण ही हों लेकिन वर्तमान समय में सावधानी ही बचाव है।
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