दोस्तों नमस्कार
कोरोना के संक्रमण के दौर में मेरा आप सबों से निवेदन है कि आप अनावश्यक भीड़ में जाने से बचें। मास्क और सैनेटाइजर का प्रयोग करें स्वस्थ रहें मस्त रहें।
एक लंबे संघर्ष और वर्षों चले आंदोलन के पश्चात अंतः 15 नवंबर 2000 को झारखंड अलग राज्य का गठन हुआ। अलग राज्य झारखंड के लिए हुए आंदोलन में कई लोग ने अपनी जान गंवाई कई लोग घायल हुए । कई लोगो को जेल जाना पड़ा। झारखंड की हेमंत सरकार द्वारा अलग झारखंड राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उन तमाम आंदोलनकारियों का सम्मान करते हुए, उन्हे सरकारी नौकरी एवम् मासिक पेंशन देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी और पेंशन देने के लिय आयोग बनाने का निर्णय लिया है। आयोग् के गठन के एक साल के अंदर आंदोलनकारियों को चिन्हित कर उन्हे लाभ दिलाया जायेगा। अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में शहीद हुए लोगों के आश्रितों को उनके योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी देगी।सरकार द्वारा सरकारी नौकरी में आंदोलनकारियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था भी की जायेगी। झारखंड सरकार द्वारा आंदोलन के दौरान 6 माह से अधिक समय तक जेल रहने वाले को मासिक पेंशन के तौर 7000रु 3 से 6 माह तक जेल में रहने वालो को 5000रु और 3 माह से कम जेल में रहने वालो को 3500रु पेंशन दिया जायेगा। झारखंड सरकार के इस निर्णय को झारखंड आंदोलनकारियों के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है।
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