Tuesday, July 5, 2022

पूर्वी सिंहभूम जिला में एक लाख बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे, 1597 स्कूलों में नहीं है तड़ित चालक


Jamshedpur(Dharmendra Kumar): भारतीय मौसम विभाग द्वारा व्रजपात के खतरों को लेकर देश के जिन 6 राज्यों को सबसे संवेदनशील चिन्हित किया है, झारखंड भी उनमें एक है. वज्रपात का कहर झारखंड के लिए एक बड़ी आपदा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में झारखंड में वज्रपात की 4 लाख 39 हजार 828 घटनाएं हुई. रांची हाईकोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2008- 09 एवं 2010-11 में जिले के सभी स्कूलों में तड़ित चालक लगाया गया था. आज की तारिख में किसी भी स्कूल में तड़ित चालक नही है.बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है.इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी एस डी तिग्गा लगातार न्यूज को बताया कि जिला में बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि वर्ष 2008 – 09 एवं 2010 – 11 में सभी स्कूलों में तड़ित चालक लगाया गया था.लेकिन कुछ दिनों में ही स्कूलों में लगे तड़ित चालकों की चोरी हो गई.वर्तमान में जिले के 1597 स्कूलों में तड़ित चालक नही है,जो बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है.इस संबंध में विभाग को पत्र लिख कर अवगत कराया गया है.विभाग द्वारा प्राप्त निर्देशानुसार कार्रवाइ की जाएगी. 

कोल्हान में पिछले पांच वर्षों में वज्रपात से 166 लोगो की हुई मौत

कोल्हान में पिछले पांच वर्षों में वज्रपात से 166 लोगों की मौत हुई थी.आपदा प्रबंधन के अनुसार वज्रपात से सबसे ज्यादा 53 लोगों की मौत 2016-17 में हुई थी. हालांकि, सरकार की ओर से वज्रपात से बचाव के उपाय भी किए जा रहे हैं.आपदा प्रबंधन की ओर से गांवों व शहरों में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.लेकिन ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान असरदार नहीं दिख रहा है.गांवों में आज भी वज्रपात से मौतें हो रही हैं.हालांकि आंकड़े घट रहे हैं. वर्ष 2020-21 में जून में कोल्हान में केवल पांच मौतें हुई हैं.
पिछले पांच वर्ष में कोल्हान में वज्रपात से हुई मौत की संख्या
2016-17 : 53
2017-18 : 51
2018-19 : 34
2019-20 : 23
2020-21 : 05