Saturday, May 28, 2022

जमशेदपुर पंचायत चुनाव जिला परिषद 8 त्रिकोणीय संघर्ष में दिखा जाति समीकरण का असर



Jamshedpur : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चौथे एवं अंतिम चरण का मतदान 27 मई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया. जिला परिषद 8 सीट के लिए 3 प्रत्याशियों लक्ष्मी देवी, कविता परमार और बबीता मिश्रा में त्रिकोणीय संघर्ष है. इस त्रिकोणीय संघर्ष में जहां धनबल का जोर चला, वहीं जातिगत समीकरण पूरी तरह हावी रहा. चुनाव के शुरुआती दौर से कविता परमार एवं लक्ष्मी देवी द्वारा जहां मतदाताओ को अपना पक्ष में करने के लिए धनबल एवं प्रचार प्रसार का सहारा लिया गया.वहीं प्रत्याशी बबीता मिश्रा अपने जनसंपर्क के माध्यम से लोगो तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास करती रही.

कविता परमार को मिला ब़ड़े नेताओ का साथ
जिला परिषद 8 की उम्मीदवार कविता परमार को जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय का समर्थन प्राप्त था. वहीं कविती परमार के चुनावी कार्यालय के उदघाटन मजदूर नेता राकेश्वर पांडे ने किया था.स्पष्ट है कि कविता परमार को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से ब़ड़े नेताओ का समर्थन प्राप्त हुआ.शुरुआती दौर से ही कविता परमार पूरे दमखम के साथ चुनावी दंगल में डटी रही. लोगो का समर्थन भी उन्हें मिल रहा था. वहीं उम्मीदवार लक्ष्मी देवी को अपने पति एवं पूर्व जिला परिषद किशोर यादव के जनसमर्थन के कारण चुनाव में लक्ष्मी देवी भी कविता परमार को टक्कर दे रही थी.वहीं धनबल एवं प्रचार प्रसार में पिछड़ने के बावजूद बबीता मिश्रा के मिल रहे जनसमर्थन से जिला परिषद 8 का चुनाव त्रिकोणीय हो गया है. 


त्रिकोणीय संघर्ष में दिखा जातिगत समीकरण का असर 

 त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला परिषद 8 के तीन उम्मीदवार के बीच त्रिकोणीय संघर्ष में जातिगत समीकरण का असर स्पष्ट रुप से देखने को मिला. स्थानीय मतदाताओं से बातचीत करने के बाद जो जानकारी प्राप्त हुई. उसके अनुसार जहां ब्राह्मण और भूमिहार का समर्थन बबीता मिश्रा को मिला, वहीं सामान्य एवं स्वर्ण वर्ग के लोगों का समर्थन कविता परमार के साथ दिखा जबकि यादव मुस्लिम एवं अन्य पिछड़ी जातियों का समर्थन लक्ष्मी देवी को मिला. 
वहीं जिला परिषद 8 की प्रत्याशी राजलक्ष्मी द्वारा लक्ष्मी देवी के वोट में सेंधमारी किए जाने की संभावना है,यदि ऐसा होता है, तब लक्ष्मी देवी के लिए परेशानी बढ सकती है. इस त्रिकोणीय संघर्ष का परिणाम तो 31मई को मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. तब तक अटकलों के बाजार गर्म है.लोग अपने अपने ढ़ग से इस त्रिकोणीय संघर्ष करने में व्यस्त है.